Chhattisgarh | कुख्यात गैंगस्टर मयंक सिंह की पुलिस रिमांड समाप्त, भेजा गया जेल

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Chhattisgarh: Notorious gangster Mayank Singh’s police remand ends

रायपुर, 27 दिसंबर 2025। कुख्यात गैंगस्टर मयंक सिंह की पुलिस रिमांड समाप्त होने के बाद रायपुर पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया, जहां कोर्ट ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। अब मयंक सिंह 9 जनवरी तक जेल में रहेगा। कोर्ट के फैसले की जानकारी बचाव पक्ष के वकील दीपांकर बनर्जी ने दी।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, चार दिन की रिमांड के दौरान मयंक सिंह से कई गंभीर आपराधिक मामलों को लेकर गहन पूछताछ की गई। जांच में सामने आया है कि वह इंटरनेट कॉल और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए धमकी भरे संदेश भेजता था, ताकि उसकी पहचान और लोकेशन ट्रेस न हो सके।

कोड वर्ड से चलता था गैंग

पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि मयंक सिंह ने अलग-अलग शहरों और टारगेट्स के लिए विशेष कोड वर्ड तैयार कर रखे थे। इन्हीं कोड के जरिए वह अपने गुर्गों को निर्देश देता था, जिससे पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को गुमराह किया जा सके।

कई राज्यों में फैला नेटवर्क

पुलिस जांच में सामने आया है कि मयंक सिंह का नेटवर्क सिर्फ एक राज्य तक सीमित नहीं था। उसका आपराधिक जाल झारखंड, छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों तक फैला हुआ था। हर शहर और हर वारदात के लिए अलग-अलग संकेत और निर्देश तय किए गए थे।

झारखंड जेल से लाई गई थी रिमांड पर

गौरतलब है कि मयंक सिंह को झारखंड की रामगढ़ जेल से ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाया गया था। वह मूल रूप से राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के घड़साना क्षेत्र का रहने वाला है। ऐसे में यह सवाल भी जांच के दायरे में है कि वह अपने गृह जिले से करीब 1700 किलोमीटर दूर झारखंड और छत्तीसगढ़ में इतना मजबूत नेटवर्क कैसे खड़ा कर पाया।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े तार

पुलिस जांच में मयंक सिंह के लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े होने के संकेत भी मिले हैं। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच भौगोलिक और सामाजिक संपर्क रहा है। फाजिल्का (पंजाब) और घड़साना (राजस्थान) के बीच महज 75 किलोमीटर की दूरी को पुलिस इस कनेक्शन की बड़ी वजह मान रही है।

आगे भी जारी रहेगी जांच

रायपुर पुलिस के अनुसार, मयंक सिंह से मिली जानकारियों के आधार पर उसके नेटवर्क, फंडिंग और संपर्कों की जांच आगे भी जारी रहेगी। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों में हुई किन-किन आपराधिक वारदातों में उसकी भूमिका रही है।

 

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